मैं आधुनिक युग की नारी हूँ ! मैं आधुनिक युग की नारी हूँ !
आज सुर गा न सकेंगे संगीत...। आज सुर गा न सकेंगे संगीत...।
एक बाँसुरी वाला...। एक बाँसुरी वाला...।
रोशनी की ओर ! रोशनी की ओर !
आपकी नज़्मों से दिल बाग़ बाग़ है! आपकी नज़्मों से दिल बाग़ बाग़ है!
सभी चीजों का अपना ही धुन होता है बास उसे महसूस करने की चाह होनी चाहिए। सभी चीजों का अपना ही धुन होता है बास उसे महसूस करने की चाह होनी चाहिए।